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Showing posts from August, 2016

Essay on If I had Wings In Hindi

जब छोटे थे हम मन में एक सवाल आता था आसमान को देख कर, यदि मेरे पंख होते तो क्या होता? अगर होते तो वो बड़े अनोखे होते। वो कभी न थमते, न कभी मुझे किसी के हाथ आते। बस उड़ा ले जाते मुझे जहाँ मेरा मन होता। जब स्कूल जाना होता, तो किसी से बिन बताये ले जाते मुझे ये उस पार्क में जहाँ सबसे ज्यादा झूलें होते और झूलने के लिए अपनी बारी का इंतज़ार भी न करना पड़ता क्योंकि तब सब बच्चे स्कूल में पढ़ रहे होते। ये पंख मिल जाते तो हवाई जहाज़ का सफर मुफ्त में होता। मैगज़ीन में जिस देश की फोटो थी, वो देश देख लिया होता। हवा मेरा ठिकाना होती, बस पैर कभी ज़मीन पे न टिकते। माँ को रोज़ कहीं न कहीं घुमा आते मैं और मेरे ये पंख। अपने बेस्ट फ्रेंड को उसके जन्म दिन पर एक दिन के लिए तोहफ़े में इन पंखों की उड़ान दे दी होती। ठंडी हवाओं में बस मैं और मेरी उड़ान होती। रोड क्रॉस करने में डर नहीं लगता क्योकि क्रॉस ही नहीं करनी पड़ती। बस हवा में हर जगह पहुँच होती मेरी। रुई जैसे बादल को अपने हाथों से छुने को मिलता। किसी बादल को आइस-क्रीम तो किसी को साइकिल बना लेते हाथों से। मन करता की जल्दी-जल्दी हर जगह घूमना हो जाता। मेरी उ

मेरी यादगार यात्रा पर निबंध | Essay on My Memorable Tour in Hindi

यात्रा का अपना एक सुखद अनुभव होता है। हर यात्रा अपने में कई यादें समेटे होती है पर कुछ बहोत यादगार होती हैं । गर्मी की छुट्टियों में अधिकतर लोग घूमने जाते हैं और इस मौसम में पर्वतों की यात्रा अत्यधिक सुखद होती है। हमारी पहली पर्वतीय यात्रा पिछले वर्ष गर्मी की छुट्टियों में हुई जब पिताजी के पुराने मित्र ने नैनीताल में अपने आवास पे एक समारोह रखा और पिताजी को आमंत्रित करने के साथ साथ ज़रूर आने का आग्रह भी किया। पिताजी ने इस आग्रह का सम्मान करते हुए समारोह में जाने के लिए और साथ साथ नैनीताल घूमने के लिए पांच दिन की योजना बनायी। हमने 20 मई को नैनीताल के लिए रेल पकड़ी और अगले दिन सुबह 10 बजे वहां पहुँच गए। स्टेशन पे पिताजी के मित्र हमें लेने आये हुए थे। हम उनके साथ उनके घर गए। उन्होंने पिताजी की योजना की सराहना करते हुए उन्हें आने के लिए धन्यवाद कहा और हमें नैनीताल घुमाने की जिम्मेदारी अपने ड्राइवर को सौंप दी। क्योंकि समारोह तीन दिन बाद था तो हम नैनीताल घूमने निकल गए। नैनीताल के रास्ते बहुत टेड़े मेढ़े थे और रास्ते के दोनों ओर घाटियों का मनमोहक दृश्य था। कहीं ये घाटियां अत्यंत सु

Newton's Third Laws of Motion For Class 9 Physics

Newton's third law : 'To every action there is an equal and opposite reaction.' This law can be realised while dropping a ball, hammering a nail , holding a hose pipe of high pressurised water pump , during bicycling etc. Suppose a man pushes an object with a force F, then the object react to this force with an equal and opposite of that force. That means if the man pushes the object with a force F 12 then the object pushes him back with the same force F 12 but as it is opposite to the direction of the man's force therefore it can be represented as -F 12 . See the image. Now we will explain the three case as shown int the video. You can also watch the video. Case 1 [Hose Pipe]: When a man holds a hose pipe of high speed water rushing out from the pipe. The stream of water jet put an action on the hand of the man. Due to this action the man's hand pushes backward. Due a contact between pipe and the man's hand a reaction is produced that he

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8. Hindi Dictation (IMLA) Writing Practice - तीन-तीन कठिन शब्दों का अभ्यास

This Hindi dictation video is tried to provide practice of hard Hindi words (तीन-तीन कठिन शब्दों का अभ्यास ). The dictation was created in set of three hards words. E.G three words are dictated at a time with a provision of time so that learner can write them. After that those words are written so that you may check and correct those. -These words are those type in which mistakes are done by many learner.