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Jul 30, 2016

Summary of 'The Beginnings of a Miracle' | English Literature Class 8

By Helen Keller

This tale recounts Helen Keller’s discovery of language, through the teaching of Annie Sullivan, after losing her sight and hearing in early childhood. When the Helen family comes to know about the illness, they are flabbergasted. Helen is sent to a blind school where she meets with a teacher Annie Sullivian. Helen is lost and often throws tantrums but Annie reaches out to her through language. She teaches Helen to hand-spell many words. Helen follows pursuit like a memorising game. Next annie tries to teach her discipline. But having brought up as a lone child in her house, Helen throws tantrums and out of force of habit she throws the pitch of water at Annie. Annie forces Helen to refill the jar, when Helen realises that each and every item has a name. In the end, Annie and Helen travel to the Perkinsons institute and Helen realises that she is not alone anymore.

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Jul 23, 2016

4. Rating of Electrical Appliance and Calculation of Electrical parameters

Rating of Electrical Appliance:These are normal rating of electrical appliances available in the market. Electric bulb-100W, 60W, 15W
Fluorescent tube- 40W, 20 W, 80W
CFL lamp- 5W, 15W, 20 W, 40W, 90W
Refrigirator- 220 W
Micro Oven- 3000 W
Electric Iron- 700W
Induction Heater - 1500 W

From the rating of the electrical appliance , we can calculate the resistance of the filament, current flowing through the filament.

Also electrical energy consumed (WHr) can be calculated by multiplying the watt and duration of time in hour.

By converting the energy into bigger unit i.e. KWHr , the practical unit consumption of our houses can be find out. This is called KWhr or unit of electrical energy.

Today's average rate of electricity is around Rs 7.50 / unit.
It means if 200 unit reading is on the electric meter. It means we need to pay 200*7.5+ constant charge for maximum demand.
Rs 1500+ 100 = Rs 1600 approx.
The constant charge varies for maximum demand allowed during new connection.



Calculation of unit consumed: For example let 500 watt load is running in our house for 8 hours. Then unit (KWHr) consumed will be
500 W x 8 hr
=4000 Whr
=4000/1000 KWhr = 4 KWhr

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Jul 17, 2016

Questions Answers of 'The Beginnings of a Miracle' | English Literature

THE BEGINNING OF A MIRACLE by Helen KellerI.

Q(01). What was the unusual activity that Helen could sense? What were her reasons for sensing it?

Ans: Helen sensed the arrival of her teacher Anne Sullivan. She could also sense it from her mother’s hurried movements.

Q(02). How does Helen describe her life before the arrival of her teacher?

Ans: She compares herself to a groping ship in a dense fog before the arrival of her teacher. In the utter confusion of her life, she craved for light.

Q(03). Which incident ignited the desire in Helen to learn more about the things around her?

Ans: Helen kept confusing the two terms ‘mug’ and ‘waters’. She would be in a frenzy when she could not make them out exactly. Being panicked Helen was led to the well-house by her teacher and made her feel the gush of water on her hand. This incident ignited a desire in Helen to learn more.

Q(04). Mention an incident in the text which proves that Helen’s parents were over-indulgent towards her.

Ans: Helen’s parents always accepted her ways and desires on the grounds of sympathy. This attitude of her parents affected Sullivan’s way of teaching to their child. Once Helen’s father asked Sullivan to spare the child when she went on insisting Helen to learn a certain thing.

Q(05). What was the first lesson that Helen’s teacher wanted to teach her?

Ans: Anne wanted to teach her obedience first by all means.

II.REACHING OUT

Q(01). The narrator says that after sometimes he became distrustful of every glance or gesture and stopped extending essential manners to women and elderly people on buses and trains. Why does he feel this hostility?

Ans: He had faced discrimination because of his coloured skin, so he took a dislike of all the fair –skinned people.

Q(02). When the old gentleman suggests to the narrator that he should apply for a teaching position in the East End of London, the narrator reacts bitterly. Why does he feel angry?

Ans: The residents did not there because it was a rather tough area and most teachers preferred to seek job elsewhere. The narrator felt that the old man was suggesting that he take up a job that has been rejected by the whites. III.OPERATION INDIAN OCEAN

Q(01). What are the challenges, dangers and difficulties that a swimmer would face while swimming across the Palk Strait?

Ans: The seas teem with all kinds of marine life including tiger sharks, barracuda and poisonous snakes.

Q(02). Why was Sen. forced to postpone the swim?

Ans: The unexpected equatorial storm and the chillness in the sea forced Sen to postpone his swim by forty eight hours.

Q(03) What was the most heart breaking moment for Mihir Sen during the swim?

Ans: Sen had gone towards Rameswaram instead of swimming towards Dhanushkodi, which was twenty miles to the north. It was the most heartbreaking moment for him during the entire swim.

Q(04) The goal was in sight, but not the end of the ordeal. Why does the narrator say this?

Ans: He caught sight of the silvery strip of land on the shores of Dhanushkodi, but still he had to swim two and half hours to reach the end.

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Jul 14, 2016

Garmiyon Ki Chhuttiyon Ka Maja Essay For class 3 In Hindi | गर्मियों की छुट्टियों का मजा पर निबंध

  • १. गर्मियों की छुट्टियाँ मुझे बहुतपसंद है|
  • २. ये हमारी वार्षिक परीक्षा के बाद आती है|
  • ३. हम इसमे नानी के घर जाते है| नानी हमे कहानी सुनाती है|
  • ४. गर्मियों की छुट्टियों मे आइस क्रीम खाते है|
  • ५. इसमे हम अपने दोस्तो के साथ केरम , विडिया गेम,साँप सीढ़ी और अन्य कई सारे खेल खेलते है|
  • ६. हम परिवार के साथ हर साल हील स्टेशन जाते है| जहा हम नयी नयी जगह घूमते है , शॉपिंग करते है| फॅमिली फोटो लेते है|
  • ७. गर्मी की छुट्टियों मे हम हॉबी क्लास भी ज्वाइन करते है| जेसे :- तैराकी(स्वीमिंग), कला शिक्षा (आर्ट क्लास), इत्यादि|
  • ८. गर्मी की छुट्टियों मैं देर तक सोने का मज़ा भी बहुत अलग होता है| रोज़ प्रातः जल्दी उठकर स्कूल नही जाना होता है|
  • ९.माँ भी बहुत सारे पकवान बना कर खिलती है|
  • १०. शाम को हम दादा-दादी के साथ टहलने बगीचे मे जाते है और झूलो का आनंद लेते है|
  • ११. हम इस बार गर्मी की छुट्टियो मैं घर के बगीचे मैं पौधे भी लगाएगे|
  • १२. छुट्टियों मैं बिद्द्यालय से मिला होम वर्क हम सभी दोस्त साथ मिलकर करते है|
  • १३. इस बार की छुट्टियो मैं मेरे घर पर चिड़िया ने बच्चे दिए थे, हम उनको रोज़ दाना डालते थे|
  • १४. मेरी बहन का जन्मदिन भी गर्मी की छुट्टियो मे आता है, हम उसका हर जन्मदिन नानी के घर मानते है|
  • १५. पापा छुट्टियो मे ही अगली क्लास की पुस्तके और नोटबुक दिला देते है और उन पर कवर लगा देते है|इस तरह छुट्टिया ख़तम होते होते हमको अगली क्लास के लिए भी तैयार कर देते है
  • १६. हर साल हम नयी यूनिफार्म भी छुट्टियो मे ही खरीद लेते है और स्कूल के प्रथम दिन उसे ही पहन कर जाते है|

धन्यवाद|
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Jul 5, 2016

Ghar Me Mehman Aye Hain Unme Se Aap Kiske Saath Jyada Samay Bitaye Usko Samwad ke Roop me likhiye | घर में मेहमान आए है उनमें से आप किसके साथ ज्यादा समय बिताये उसको , संवाद रूप में लिखिए

दृश्य सिमरन के घर का है। सिमरन के घर उसकी पुरानी सहेली शहनाज़ आई है। दोनों ने एक ही कॉलेज से पढाई पूरी की है। सिमरन की शादी ग्रेजुएशन पूरी होने के बाद ही हो गई, और शहनाज़ ने आगे काम करने की ठान रखी थी; सो उसने ऐसा ही किया। ३ साल बाद आज शहनाज़ की भी शादी हो चुकी है। शहनाज़ शादी के बाद पहली बार अपनी सहेली सिमरन से मिलने उसके घर आई है , अपने देवर की बेटी रुनझुन के साथ। शहनाज़ की शादी उसके पड़ोस के मोहल्ले में ही हुई है , तो वह लगभग हर दूसरे दिन अपने मायके आ जाया करती है। आज रुनझुन को लेकर वो अपनी सहेली के साथ पुरानी यादें ताज़ा करने आई है।

सिमरन : नमस्ते !
शहनाज़ : नमस्ते अज़रा!
सिमरन : कैसी हो? कितने दिनों बाद दर्शन हुए तुम्हारे। कहाँ हो आजकल ? तुम ना , शादी के बाद एकदम ईद का चाँद ही हो गई हो।
शहनाज़ : अरे नहीं अज़रा। दरअसल, शादी के बाद मैं तीसरे दिन ही ऑफिस के काम से बैंगलोर चली गई थी।
हालाँकि ये लम्बा प्रोजेक्ट था , पर मैंने काफी धीरज रखा। तीन महीने बाद आई हूँ वापस।

सिमरन : अच्छा , तो ये बात है ! मोहतरमा को शादी के बाद भी इतनी जल्दी काम पे लगना था। चलो अच्छा है , इसी बहाने कहीं घूम के तो आई। भाईसाहब भी साथ ही गए थे ?

शहनाज़ : नहीं अज़रा। हम दोनों ही काम में व्यस्त हो गए। उनको भी मुंबई में कुछ इम्पोर्टेन्ट मीटिंग्स अटेंड करनी थीं , और काम का बोझ भी कम नहीं था, तो उन्होंने कहा कि जैसे ही मेरा प्रोजेक्ट पूरा होता है, हम साथ में कहीं घूमने जायेंगे। अब जाके तो फ़ुर्सत मिली है। देखते हैं , कुछ दिन अपने नए परिवार के साथ समय बिता लेती हु, फिर तो घूमने जाना ही है।

अज़रा: वाह शहनाज़। मियां -बीवी दोनों को काम से फुर्सत मिली है , ज़रूर जाओ, घूम-फिर के आओ। फिर पता नहीं कब मौका मिले। तुमको अपने प्रोजेक्ट्स से और भाईसाहब को मीटिंग्स से और पता नहीं कब फुर्सत मिलेगी फिर। हम भी शादी के बाद शिमला घूमने गए थे। दो हफ़्तों बाद आये। वो जगह इतना सुकून देती है , कि वापस आने की इच्छा ही नहीं होती है। तुम भी किसी जगह जाओ , जहाँ भीड़-भाड़ से राहत मिले, काम से सुकून, और फिर सबसे अच्छी यादें जुड़ जाये तुम्हारी ज़िन्दगी की डायरी के पन्नो में। सबकुछ यादगार होना चाहिए , ज़िन्दगी तभी और बेहतर लगने लगेगी।

शहनाज़ : हाँ अज़रा। बहुत अच्छी सलाह है। गर्मी का समय चल रहा है,तो हम भी किसी ठंडी जगह घूमना चाहते थे। देखते हैं क्या सलाह होता है , और कहाँ जा पाते हैं। तुम बताओ , तुम्हारे बच्चे कैसे हैं?
शरा स्कूल जाने लगी अब ?
सिमरन : हाँ , शरा ३ महीने से स्कूल जा रही है। मेरी देवरानी की बेटी फातिमा ने भी साथ में ही पढाई शुरू कर दी है। इनकी गर्मी की छुट्टियों का इंतज़ार करना होगा अब तो मायके जाने के लिए भी।
शहनाज़ : हाहा ! सही बात है अज़रा। बच्चों की पढाई शुरू हो गई , बस फिर पूरा समय उन्ही में गुज़रता है। खुद के लिए भी वक़्त नहीं मिल पाता।
सिमरन : हाँ वो तो बिलकुल ठीक बात है। और बच्चों की हंसी -ख़ुशी में ही माँ -बाप की ख़ुशी जुड़ जाती है। ये सबसे ख़ूबसूरत पहलु है। हम कितने निःस्वार्थ हो जाते हैं , और बच्चों से भी कितना ही कुछ सीखते हैं। v शहनाज़ : हाँ सिमरन ! तुमने सच में बहुत महत्वपूर्ण बात कही है। शादी,और बच्चे , हमारे जीवन में कई म्हहत्वपूर्ण बदलाव लाते हैं। हम कई ज़्यादा ज़िम्मेदार होने लगते हैं , और नया सीखते हैं। मेरा इस सफर में अभी पहला पड़ाव है , पर तुम्हारी बातें सुन कर ये यकीन हो गया है , कि आगे का सफर भी उतना ही खूबसूरत और साथ -साथ चुनौती भरा होगा।
सिमरन : हाँ। और आज के दौर में महिलाओं को दोनों मोर्चे सँभालने होते हैं। घर - काम , दोनों ज़िम्मेदारियाँ जो बखूबी निभा ले, आज के युग में ऐसी महिलाए आकाश चूम रही हैं। मेरी शुभकामनाएं हैं , तुम्हें अपने काम में भी खूब तर्रकी मिले , और तुम्हारा ये नया सफर भी उतना ही रोमांचक और ख़ूबसूरत हो।

शहनाज़ : हाँ अज़रा। मैं तुम्हारे लिए भी ऐसी ही दुआ करती हूँ। ये देखो , हमारे देवर की बेटी रुनझुन , आपके घर में कैसे उधम मचा रही। बहुत शरारती है। मैं पास वाले पार्क में इसे सहेलियों से मिलाने ले जा रही थी। सोंचा तुमसे मिले काफी दिन हो गये हैं , सो मिल आती हूँ। वो तो ससुराल और मायके एकदम नज़दीक है , सो काफी सुकून है। जब चाहे मायके वालों से मिलने आ जाती हूँ। तुम भी आओ एक दिन दावत पर हमारे यहाँ। हम इस हफ्ते यहीं हैं। बुधवार को आ जाओ। अपने ससुराल वालों से मुलाकात करवाएंगे। और हमें बोहोत ख़ुशी होगी हमारी सहेली आएगी तो।
सिमरन : बिलकुल शहनाज़ ! हम आते है फिर बुधवार को तुमसे और तुम्हारे परिवार से मिलने। जाने कब मुलाकात होगी फिर।
शहनाज़ : बिलकुल,और शरा , भाईसाहब और फातिमा को साथ ज़रूर लाना। अभी मैं इस शरारती रुनझुन को थोड़ा घुमा के लाती हूँ , वर्ना ये ऐसे ही उछल -कूद करेगी आपके घर में। चलती हूँ।
सिमरन : अरे नहीं। उधम कैसी ? प्यारी बच्ची है रुनझुन। फिर ज़रूर आना। मिलके अच्छा लगा !
शहनाज़ : जी ज़रूर ! तुमसे भी बुधवार को मुलाकात होगी , आशा करती हूँ। नमस्ते !
सिमरन : बिलकुल मिलेंगे। नमस्ते !

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