Latest Lesson or Post


Jul 28, 2013

Simplifying Numerical Expression CLASS 4

DMAS - rule for simplifying numerical expressions are explained here with text and video.
D = Division
M = Multiplication
A = Addition
S = Subtraction
Let us take an Example 1:
764+200/10-4 x 32
= 764+200/10-4 x 32  >>WORK ON  DIVISION
=764+20-4 x 32   >>WORK ON MULTIPLICATION
=764+20-128  >>WORK ON ADDITION
=784-128  WORK ON SUBTRACTION
=656  >>ANSWER
Let us take another Example 2:
= 58x460 / 46 + 647 -743
= 58x460 / 46 + 647 -743 >>WORK ON  DIVISION
= 58x10 + 647 -743 >>WORK ON MULTIPLICATION
= 580 + 647 -743 >>WORK ON ADDITION
= 1227-743  >>WORK ON SUBTRACTION
=484  >>ANSWER

Read More


Jul 24, 2013

My Introduction Essay for Class 1 (144 words) | मेरा परिचय कच्छा २ के लिए

सभी को नमस्कार! आदरणीय प्रधानाध्यापक सर, शिक्षकों और मित्रों| बहुत संक्षेप में मैं अपना आत्म परिचय कराना चाहता हूँ | कृपया थोड़ी देर के लिए इस शरारती को सहन करें| मुझे अजर कुमार के नाम से जानते हैं , और मै इस विद्यालय के कक्षा 1 में पढता हूँ|

मैं 5 साल का हूँ| मेरे पिता का नाम अमर कुमार है और मेरी माँ का नाम अन्ना देवी है| मुझे मेरे परिवार पर गर्व है क्योंकि मेरे परिवार में संयुक्त परिवार की अवधारणा अब भी जीवित है| मेरी एक बड़ी बहन है और मैं समाजवादी रोड, देहरादून में रहता हूँ| मैं अपने सपने को भविष्य में देखने की कोशिश करता हूँ | लेकिन हमारे परिवार और समाज की जिम्मेदारी को अनदेखी नहीं करता हूँ| मैं राजनीतिक गंदगी जड़ से साफ करने के लिए एक राजनीतिज्ञ होना चाहता हूँ | धन्यवाद !!

My Introduction Essay In English for class 1
Read More


Jul 22, 2013

Meeting and Greeting Hindi Essay for Class 6 (498 Words) | मिलन और अभिवादन निबंध कछा -६ के लिए

meeting and greeting photo image pictureBy Akbar Ali (498 words शब्द): मिलन  और अभिवादन  मानव जीवन के दो अभिन्न भाग  हैं, जो उसे, ऊर्जावान, सामाजिक और  युवा रखता है , तथा  उसके  स्वभाव को  सुशोभित करता  है।  यह  दोनो  मापदंड  मानव के जीवन की  सफलता और विफलता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।  मिलन या बैठक का अर्थ है  एक साथ आना |  और .अभिवादन  एक व्यक्ति को  स्वागत करने का कार्य है जो की अछे हावभाव के साथ किया जाता है । अभिवादन अपने सद्भावना की अभिव्यक्ति भी कहलाती है ।

मनुष्य  को अपने दैनिक जीवन में दुसरे लोगों के संपर्क में आना पड़ता है । ऐसा इसलिए करना पड़ता है क्योंकि पारस्परिक संबंध बना रहे और सामाजिक संतुलन भी कायम रहे । हमको अपने आवश्यकताओं के लिए मिलना जरूरी होतो है । उदाहरण के लिए हम में से कई को  एक नौकरी पाने के लिए एक साक्षात्कार में भाग लेना पड़ता है ।   इस स्थिति को नियंत्रित और गतिशील  करने के लिए और सफलता पाने  के लिए बेहतर  अभिवादन  काम करता है।  एक व्यापारी  ग्राहकों पर Feelgood कारक डालने के लिए आकर्षक, हाव - भाव बनाये रखता है , तथा अपने जीवन मिलन को वरीयता देता है । वह किसी भी परेशानी में हो लेकिन अपना ग्राहकों को अभिवादित करने में कभी कोताही नहीं करता है । वह जनता है कि दो मीठे बात और अछे हव भाव किसी का दिल जीतने की सबसे बड़ी कुंजी है । अच्छा  अभिवादन किसी भी व्यक्ति को  फर्श से अर्श तक पहुंचा देता है । यह किसी भी मीटिंग में हमेशा  याद रखने वाली बात है । मनुष्य अच्छे अभिवादन का प्यासा होतो है।

अपने जीवन में अभिवादन के दिन और समय का भरपूर उपयोग करना चाहिए । जैसे वर्ष के पहले दिन पर , ईद पर दिवाली पर दशहरा आदि पर किसी व्यक्ति को अभिवादित करना मत भूलिए । आजकल  तो मोबाइल का जमाना है , इसलिए यह काम काफी आसान हो गया है । कुछ चंद  रूपयों में या इन्टरनेट पर फ्री में किसी को भी तुरंत मेसेज भेज सकते हैं । और सबसे मजे वाली बात है की एक साथ सैकड़ों ब्यक्तियों को मेसेज भेजा  जा सकता है । अभिवादन (greeting ) करने में  इतनी आसानी जिंदगी में कभी नहीं थी । जब आमने सामने वार्तालाप हो तो दैहिक भाषा सकारत्मक और हंसमुख रखना चाहिए । यह बेहतरीन संकेत देता है, की जो कुछ भी आप कह रहें है वह दिली अभिवादन है । रोनी सूरत से अच्छी बधाई करेले जैसी होती है ।
अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह है की; आपका प्रदर्शन दुसरे के समक्ष कैसा है; इसकी जानकारी प्राप्त करना।  अपने बारे में  जाँच करने का सबसे बढ़िया तरीका यह है की किसी तीसरे व्यक्ति से अपने हाव  भाव का प्रतिपुष्टि (feedback) लीजिए . 

मीटिंग करते समय अपना मुख सबकी ओर मुखातिब करते रहें   . अपनी बातों पर नियंत्रण रखिए। कभी भी अधिक भावुक मत होइए  . अपने आँखों का संपर्क सीधा सामने वाले पर रखिये . ये सब मजबूत व्यक्तित्व की पहचान है . एक बात मूल रूप से पकड़ कर रहिये की मिलन और अभिवादन (meeting एंड greeting) आपके जीवन को पूरी तरह से कामियाबी के शिखर पर पहुँचाने में एक बहुत बड़ा करक सिद्ध सकता है. 

यदि आप कुछ और जोड़ना चाहते है तो कमेंट कर सकते है  
Read More


Jul 16, 2013

How to find LARGEST AND SMALLEST | MATH | CLASS 2

Finding largest and smallest number of  a series of numbers with simple steps are important for class 2 students. 
Here a series of number is written:
390, 568, 350, 676, 530
Step 1: First compare the left most digits of these numbers. The number shown in red colour to be compared first.Here we notice that 6 is greater than 5 and 3 so the greatest number is 676.

Step 2: 390, 568, 350, 676, 530
Now we compare second from left side because first left most digit is equal ie 3. As 5 is less than 9 , therefore 350 is the least number.


Read More


Factors and Multiples Class 4

This video will give you classroom  experience with high contrast colour of the blackboard. The colour of the blackboard is very cool and it is very much eye-friendly.
 This is made for class 4 on factors and multiples. This video contains the basic of factors and multiples. It is very lucid to understand. If any students of class 4 watch this video then he will never forget about factors and multiples. 
Give your feedback for any improvement of this video. Also ask your question if you have any hesitation. 

Read More


Jul 12, 2013

231 Words Essay on 'Subhas Chandra Bose' in Hindi | 'सुभाष चंद्र बोस' या एक महान राष्ट्रीय पैट्रियट पर लघु निबंध

नेताजी सुभाष चंद्र बोस एक महान राष्ट्रीय देशभक्त थे । उनके पिता का नाम जानकी नाथ बोस और माता का नाम प्रभावती देवी था ।  वह कटक में 23 जनवरी  1897 में में पैदा हुए थे ।  नेताजी सुभाष चंद्र बोस एक महान राष्ट्रीय देशभक्त थे ।   उन्होंने मैट्रिक परीक्षा और आईसीएस दोनों परीक्षा पास   कर ली थी  ।  सुभाष चंद्र का  सपना  विदेशी शासन से मुक्त  मां भूमि को   प्राप्त करने के लिए ही था. इसलिए  वह भारत की ब्रिटिश सरकार में शामिल हो गए. बहुत जल्द सुभाष चंद्र एक महान नेता बन गए. वह दो बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए थे. बाद में उन्होंने पार्टी छोड़ दी और फॉरवर्ड ब्लॉक का गठन किया. ब्रिटिश सरकार ने उन्हें कई बार गिरफ्तार किया. एक बार जब वह कोलकाता में अपने ही घर में तो उन्हें कैद  रखा गया था. लेकिन सुभाष चंद्र एक रात भाग गए . और भेष में भारत छोड़ दिया. सिंगापुर में उन्होंने जापान और जर्मनी की मदद से INA का  गठन किया . सेना उसे नेताजी बुलाती थी .  उनके नेतृत्व में भारत पर हमला किया गया लेकिन दुर्भाग्य से  यह विफल रही है.  नेताजी का  एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया यह कहा जाता है. लेकिन बहुत से भारतीयों ने  दृढ़ता से कहा कि वह अब भी जिंदा है- यह अभी   विश्वास करते हैं. उनका   जलता हुआ  देशभक्ति हमेशा  राष्ट्र को प्रेरित करने के लिए जारी रहेगा.

Read More